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रविवार, 30 मार्च 2025

होय खूब सम्मान औ , चढ़ै रोज जल फूल

 होय खूब सम्मान औ  , चढ़ै रोज जल फूल। 

रेंड़ा तुलसी का कहै,  चिढ़ के ऊल  जलूल।। 

हेमराज हंस 

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